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जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त होंगे, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

देहरादून, 18 जनवरी 2026| जर्जर स्कूल भवन ध्वस्तीकरण देहरादून के तहत मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जनपद में बच्चों की जान के लिए खतरा बने वर्षों पुराने जर्जर विद्यालय भवनों पर जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया […]

देहरादून, 18 जनवरी 2026| जर्जर स्कूल भवन ध्वस्तीकरण देहरादून के तहत मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जनपद में बच्चों की जान के लिए खतरा बने वर्षों पुराने जर्जर विद्यालय भवनों पर जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है।

नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सविन बंसल जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी क्रम में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है।

जिलाधिकारी की सख्ती के बाद मात्र 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई।

रिपोर्ट में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।

शिक्षा विभाग ने पूरी सूची जिला प्रशासन को सौंप दी है।जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को पूर्ण एवं आंशिक रूप से निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।

सीएम के सख्त निर्देश पर डीएम की त्वरित कार्रवाई, 1 करोड़ की स्वीकृति के साथ जर्जर स्कूल भवनों का ध्वस्तीकरण जल्द

इस कार्य हेतु ₹1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण और सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो।

रिपोर्ट के अनुसार जनपद में कुल 79 विद्यालयों के भवन पूर्णतः निष्प्रोज्य पाए गए हैं, जिनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।

63 विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है।

16 विद्यालयों में शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं।

8 विद्यालयों में ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पूर्णतः निष्प्रोज्य भवनों का ध्वस्तीकरण तत्काल किया जाएगा।

जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहां पहले व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण होगा।

आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप मरम्मत और प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

उन्होंने दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होने दिया जाएगा।

जिला प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

जर्जर स्कूल ध्वस्तीकरण देहरादून see full news ☝️☝️

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