ई-गवर्नेंस से सरकारी सेवाएं हुईं सरल, पारदर्शी और त्वरित
देहरादून, 20 जनवरी 2026 |पुष्कर सिंह धामी की पहल से उत्तराखंड ई-गवर्नेंस डिजिटल सेवाएं राज्य में सुशासन का मजबूत माध्यम बनी हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाएं घर बैठे, पारदर्शी और त्वरित रूप से मिल रही हैं।
डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग से अब आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना, घर बैठे मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से मिल रहा है।
राजधानी देहरादून सहित पूरे राज्य में विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं और जनहित पोर्टलों के माध्यम से नागरिक आवेदन, शिकायतें और सुझाव आसानी से दर्ज करा रहे हैं।

इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत हो रही है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी बढ़ी है।
ई-गवर्नेंस के अंतर्गत ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली, जनसुनवाई पोर्टल, डिजिटल प्रमाण पत्र सेवाएं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल, रोजगार प्रयाग पोर्टल, भूदेव ऐप सहित विभागीय एप्स जैसे सीएम हेल्पलाइन 1905, ई-ट्रांसपोर्ट और अपणी सरकार पोर्टल नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
उत्तराखंड ई-गवर्नेंस डिजिटल सेवाएं – इन पहलों से कार्यालयों में भीड़ कम हुई है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगा है।
ई-सेवाओं का लाभ उठाने वाले देवेंद्र सिंह के प्रकरण में उनकी पुत्री सोनिया रावत ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन हेतु आवश्यक आय प्रमाण पत्र मात्र 15 दिनों में ऑनलाइन प्राप्त हो गया, जिससे उन्हें किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि जिला प्रशासन डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।
अब अधिकाधिक प्रमाण पत्र एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं।
जिला योजना के अंतर्गत कृषि संबंधी सभी योजनाओं की प्रथम चरण की आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है।
ई-गवर्नेंस प्रणाली शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण नागरिकों के लिए भी प्रभावी सिद्ध हो रही है, जिससे सरकारी सेवाओं की जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।
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