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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: मदरसों की सहायता बंद,कई बड़े फैसले

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: मदरसों की आर्थिक सहायता बंद, वर्क-चार्ज कर्मियों को 7वां वेतनमान और नई राफ्टिंग नियमावली को मंजूरी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, पर्यटन, प्रशासन और राजस्व व्यवस्था से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।

बैठक के समापन के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग कर कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की।

मदरसों की आर्थिक सहायता समाप्त

इस कैबिनेट बैठक के सबसे चर्चित और बड़े फैसलों में मदरसों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को समाप्त करने का निर्णय शामिल है।

सरकार ने नीति साफ करते हुए स्पष्ट किया है कि जिन मदरसों की मान्यता पहले ही समाप्त हो चुकी है, उन्हें दी जा रही आर्थिक सहायता को अब पूरी तरह से विलोपित (बंद) कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही, राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के सुचारू संचालन के लिए बजट जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

वर्क-चार्ज कर्मचारियों को तोहफा

कैबिनेट ने कार्य भंडारण (वर्क-चार्ज) कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से सातवें वेतनमान की मांग कर रहे इन कर्मचारियों के प्रस्ताव को सरकार ने स्वीकृति दे दी है।

इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026 को मंजूरी

प्रदेश में साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को सुरक्षित और व्यवस्थित करने के लिए ‘उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026’ को मंजूरी दी गई है। इ

स नई नियमावली के लागू होने से राफ्टिंग गतिविधियों में पारदर्शिता आएगी और पर्यटकों की सुरक्षा को और पुख्ता किया जा सकेगा।

शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में बड़े कदम

नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान: सीमांत क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने पिथौरागढ़ में इस संस्थान की स्थापना हेतु भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

अक्षय पात्र किचन योजना का विस्तार: प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन देने वाली ‘अक्षय पात्र किचन योजना’ का दायरा बढ़ा दिया गया है।

दो केंद्रों के बाद अब श्रीनगर को इसके तीसरे केंद्र के रूप में शामिल किया गया है, जिससे और अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण पका हुआ भोजन मिल सकेगा।

प्रशासनिक सुधार और राजस्व ग्राम की दिशा में कदम

विभागों का एकीकरण: युवाओं के कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए कौशल विकास विभाग और सेवायोजन विभाग के एकीकरण (Merger) को मंजूरी दी गई है।

राजस्व ग्राम बनाने की तैयारी: बग्गा, बापूग्राम और बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की दिशा में सरकार आगे बढ़ी है।

इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा और मुख्य सचिव इस पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेंगे।

सरकार जहां एक ओर प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक जागरूकता को लेकर भी गंभीर है।

हाल ही में शासन स्तर पर स्कूलों में नशा विरोधी विशेष कक्षाएं लगाने और अभिभावकों को जागरूक करने जैसी मुहिमों पर भी तेजी से काम चल रहा है।

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