परिस्थितियों से वीरान बचपन को मिला नया भविष्य, शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ी रेस्क्यू बच्चियाँ
देहरादून, 23 जनवरी 2026 : देहरादून बालश्रम रेस्क्यू एवं पुनर्वास अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन प्रयासों से जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।
इस मानवीय पहल के तहत जिला प्रशासन का आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) परिस्थितियों से वीरान हो चुके बचपन को सुरक्षा, संरक्षण और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
यह केंद्र कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे बच्चों को सुरक्षा, परामर्श और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है।
इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक दुकान पर कार्यरत दो नाबालिग बालिकाओं को चिन्हित कर तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू के बाद बालिकाओं की काउंसलिंग की गई तथा उनके माता-पिता से संवाद कर बालश्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के पश्चात बालिकाओं का जिला प्रशासन के इंटेंसिव केयर सेंटर में नामांकन कराया गया और उन्हें साधुराम इंटर कॉलेज में औपचारिक रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया।
साथ ही उन्हें किताबें, स्कूल बैग एवं जूते भी उपलब्ध कराए गए, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार जनपद में बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।
रेस्क्यू किए गए प्रत्येक बच्चे के समग्र पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
आईसीसी के माध्यम से बच्चों को योग, संगीत और खेल जैसी गतिविधियों से जोड़कर सुरक्षित वातावरण में आत्मनिर्भर व आत्मविश्वासी नागरिक बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जबकि रेस्क्यू किए गए बच्चों को हर संभव सहायता देकर उनका भविष्य संवारा जाएगा।
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