Tuesday, 26 May 2026
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देहरादून को मिला नया नेतृत्वः डॉ. आशीष चौहान ने संभाली डीएम की कमान

देहरादून, 25 मई 2026– देहरादून जनपद को नए जिलाधिकारी के रूप में डॉ. आशीष चौहान का नेतृत्व मिला है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी डॉ. चौहान ने सोमवार को कोषागार पहुंचकर विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया। इससे पहले देहरादून के जिलाधिकारी रहे सविन बंसल का स्थानांतरण सचिवालय में किया गया। कार्यभार […]

देहरादून, 25 मई 2026– देहरादून जनपद को नए जिलाधिकारी के रूप में डॉ. आशीष चौहान का नेतृत्व मिला है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी डॉ. चौहान ने सोमवार को कोषागार पहुंचकर विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया।

इससे पहले देहरादून के जिलाधिकारी रहे सविन बंसल का स्थानांतरण सचिवालय में किया गया।

कार्यभार संभालने से पूर्व डॉ. चौहान ने कोषागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने रिकॉर्ड के सुरक्षित संरक्षण और पेंशनरों के डिजिटल सत्यापन पर विशेष जोर दिया।

नव नियुक्त जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।

इसके साथ ही चारधाम यात्रा प्रबंधन को सशक्त बनाना, आपदा प्रबंधन कार्यों को तेजी से पूरा करना तथा विकास योजनाओं को गति देना भी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल ने सितंबर 2024 से अपने कार्यकाल के दौरान जनकेंद्रित प्रशासन की मिसाल पेश की।

उनकी पहल ‘नंदा-सुनंदा’ बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर काफी चर्चित रही।

वहीं भिक्षावृत्ति और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए चलाए गए अभियानों को भी समाज में सराहना मिली।

जनसुनवाई, त्वरित शिकायत निस्तारण और संवेदनशील प्रशासनिक हस्तक्षेपों के कारण उन्हें “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” के रूप में पहचान मिली।

डॉ. आशीष चौहान इससे पहले पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे चुनौतीपूर्ण जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

उनके नेतृत्व में पौड़ी में शुरू किया गया ‘सेफ सफर ऐप’ सड़क सुरक्षा की दिशा में अभिनव पहल माना गया।

वहीं हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के लिए शुरू किया गया ‘काव्या ऐप’ स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित नवाचार का उदाहरण बना।

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में भी डॉ. चौहान की भूमिका उल्लेखनीय रही है।

पौड़ी में विकसित हो रहा ‘त्रिशूल पार्क’ धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. आशीष चौहान से अब देहरादून में भी जनहितकारी और नवाचार आधारित प्रशासनिक कार्यशैली की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

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