Saturday, 19 September 2026
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डीएम के संज्ञान पर प्रतिष्ठित स्कूल झुका, शिक्षिका को मिला महीनों का रोका हुआ वेतन और प्रमाण पत्र

देहरादून: 25 अक्टूबर 2025 जिले के प्रतिष्ठित इडिफाई वर्ल्ड स्कूल की शिक्षिका कनिका मदान को आखिरकार न्याय मिल गया है। महीनों से स्कूल प्रबंधन द्वारा रोके गए उनके दो माह के वेतन, सुरक्षा राशि और अनुभव प्रमाण पत्र को जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल के कड़े संज्ञान के बाद रातोंरात जारी कर दिया गया।समाधान मिलने के […]

देहरादून: 25 अक्टूबर 2025 जिले के प्रतिष्ठित इडिफाई वर्ल्ड स्कूल की शिक्षिका कनिका मदान को आखिरकार न्याय मिल गया है। महीनों से स्कूल प्रबंधन द्वारा रोके गए उनके दो माह के वेतन, सुरक्षा राशि और अनुभव प्रमाण पत्र को जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल के कड़े संज्ञान के बाद रातोंरात जारी कर दिया गया।समाधान मिलने के बाद, शिक्षिका कनिका मदान अपनी नन्ही बेटियों के साथ आज जिलाधिकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट पहुंची और डीएम सविन बंसल का धन्यवाद किया।

यह था पूरा मामला:

दरअसल, 13 अक्टूबर को जनता दर्शन कार्यक्रम में शिक्षिका कनिका मदान ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष अपनी गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया था कि मोथोरोवाला स्थित इडिफाई वर्ल्ड स्कूल, जहां वह शिक्षण कार्य करती थीं, उनके मार्च और जुलाई माह के वेतन सहित सुरक्षा राशि जारी नहीं कर रहा है। अत्यधिक खुंदक के कारण शिक्षिका द्वारा इस्तीफा देने पर स्कूल प्रबंधन ने उनका अनुभव प्रमाण पत्र भी रोक लिया था।

डीएम ने लिया कड़ा संज्ञान:

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल मुख्य शिक्षा अधिकारी को कार्यवाही कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। डीएम का संज्ञान लेते ही, नामी-गिरामी स्कूल प्रबंधन पर ‘लटकी तलवार’ के समान स्थिति बन गई और स्कूल प्रशासन घुटनों के बल आ गया।

रातोरात जारी हुआ भुगतान:

जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद, स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका कनिका मदान का लंबित वेतन और सुरक्षा राशि मिलाकर कुल ₹78,966 की धनराशि के चेक दो दिन के भीतर जारी कर दिए।

अनुभव प्रमाण पत्र में आनाकानी:

शुरुआत में, स्कूल ने जो अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया था, उसमें यह उल्लेख नहीं किया गया था कि कनिका किस पद पर थीं, जबकि उन्होंने इंटरमीडिएट तक के बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ कोऑर्डिनेटर पद पर भी कार्य किया था। जिलाधिकारी ने इस पर भी कड़ा संज्ञान लिया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन को सही विवरण के साथ पुनः अनुभव प्रमाण पत्र जारी करना पड़ा।

डीएम की कार्यशैली से बढ़ा विश्वास:

शिक्षिका कनिका मदान को उनका हक मिलने के बाद, यह एक बार फिर साबित हुआ है कि जिलाधिकारी सविन बंसल जनहित, असहायों और शोषितों के प्रकरणों पर कड़े एक्शन के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस नई कार्यशैली से शोषण करने वालों में भय का माहौल है और आम जनता में सरकार एवं प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।

5 Comments

  1. […] जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन मुख्यमंत्री स्तर की सर्वोच्च प्राथमिक शिकायत निवारण प्रणाली है, अतः प्रत्येक शिकायत को पूर्ण गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ समयबद्ध रूप से निस्तारित किया जाए। […]

  2. […] जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। […]

  3. […] एवं शांति व्यवस्था बनाये जाने को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की […]

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