Uttarakhand Swaraj

देहरादून DM का सख्त कदम: फीस माफ, 48 घंटे में जारी हुई टीसी; स्कूल प्रबंधन को देनी पड़ी राहत

स्कूल प्रबन्धन की आनाकानी के बाद DM का सख्त हस्तक्षेप: छात्र समद अली की न केवल फीस हुई माफ, बल्कि 48 घंटे में टीसी भी जारी

देहरादून, 17 नवम्बर 2025 जिलाधिकारी देहरादून के त्वरित संज्ञान और सख्त निर्देशों के बाद, ब्रूकलीन स्कूल प्रबंधन को चंद्र रोड निवासी एक व्यथित परिवार को राहत देनी पड़ी है। स्कूल फीस जमा न कर पाने के कारण छात्र समद अली को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने से आनाकानी कर रहे स्कूल प्रबन्धन ने, जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद, बालक की न केवल बकाया फीस माफ कर दी, बल्कि मात्र दो दिन के भीतर टीसी भी जारी कर दी है।

मामला DM तक कैसे पहुँचा?

यह मामला विगत दिवस 13 नवम्बर 2025 को प्रकाश में आया, जब चंद्र रोड निवासी नाजमा खातून ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके बेटे समद अली ने ब्रूकलीन स्कूल से 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और वर्तमान में 9वीं कक्षा में अध्ययनरत है।

श्रीमती खातून ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उनके पति दिव्यांग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। स्कूल की अधिक फीस होने के कारण, वह अपने बेटे की पढ़ाई उस स्कूल में जारी रखने में असमर्थ हैं और उसे किसी अन्य किफायती स्कूल में दाखिल कराना चाहती हैं।

यह थी मुख्य समस्या: परिवार जून से अक्टूबर 2025 तक की स्कूल फीस जमा नहीं कर पाया था, जिसके चलते स्कूल प्रबन्धन टीसी देने से मना कर रहा था। टीसी न मिलने के कारण समद अली की पढ़ाई बाधित हो रही थी।

जिलाधिकारी का त्वरित एक्शन

महिला की दयनीय और गंभीर स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) को निर्देश दिए कि वे दो दिन के भीतर मामले की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करें और छात्र की टीसी जारी करवाना सुनिश्चित करें।

48 घंटे में राहत:

जिलाधिकारी के निर्देशों का असर तुरंत दिखाई दिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी के निर्देश पर स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया। इसके परिणामस्वरूप, स्कूल प्रबंधन ने मानवीय आधार पर बालक समद अली की जून से अक्टूबर तक की बकाया फीस पूरी तरह माफ करते हुए, उन्हें तुरंत टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) निर्गत कर दी है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी को आख्या प्रस्तुत करते हुए इस बात की पुष्टि की है। इस त्वरित कार्रवाई से नाजमा खातून के परिवार को बड़ी राहत मिली है और अब समद अली अपनी आगे की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रख पाएगा।

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