
देहरादून, 22 नवम्बर।कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईवीएच) परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में 169 दिव्यांगजनों को निशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें (इलेक्ट्रिक) वितरित कीं। ये ट्राईसाइकिलें आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलिम्को) के माध्यम से पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) की CSR निधि से उपलब्ध कराई गईं, जिसकी लागत लगभग ₹1 करोड़ है।
सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम :
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने पीएफसी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह केवल वितरण नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें उनकी गतिशीलता बढ़ाएँगी और उनके जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलेंगी।
पीएम मोदी के योगदान की सराहना
मंत्री जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने ‘विकलांग’ शब्द के स्थान पर अधिक सम्मानजनक नाम ‘दिव्यांग’ दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के उत्थान हेतु निरंतर नई योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनका लक्ष्य उनके जीवन को अधिक सुलभ, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाना है।
मंत्री जोशी ने केंद्र सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की नीति पर ज़ोर देते हुए कहा कि देशभर में विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र परियोजना लागू की गई है, जो अब देश के सभी 785 जिलों में संचालित हो रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देशभर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश और हल्द्वानी में तीन केंद्र पहले ही स्थापित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने के लिए ISL डिक्शनरी को 10,000 शब्दों से बढ़ाकर 10 भाषाओं में 2,500 नए शब्द जोड़कर विकसित किया जा रहा है, जिससे बधिरजनों को लाभ मिल रहा है।
इस मौके पर महाप्रबंधक पीएफसी दुर्गेश रंगेरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, वरिष्ठ प्रबंधक एलिम्को हरीश कुमार और एनआईवीएच आदर्श स्कूल के प्रधानाचार्य अमित शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। click here for more 👈