एनएच-07 कॉरिडोर से उत्तराखंड–हिमाचल की कनेक्टिविटी मजबूत, दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से होगा सीधा एकीकरण
पांवटा साहिब–देहरादून कॉरिडोर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मार्ग है।
इस मार्ग पर प्रतिदिन यात्रियों के साथ-साथ औद्योगिक और वाणिज्यिक वाहनों की भारी आवाजाही होती है।
सीमित सड़क चौड़ाई, रिबन डेवलपमेंट और तीव्र शहरी विस्तार के कारण यह मार्ग लंबे समय से यातायात जाम और सड़क सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पांवटा साहिब–बल्लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को स्वीकृति दी गई।
यह परियोजना एनएच-07 कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे देहरादून शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
पांवटा साहिब बल्लूपुर हाईवे परियोजना का संक्षिप्त विवरण
इस परियोजना के अंतर्गत कुल 44.800 किलोमीटर लंबे मार्ग का चार-लेनीकरण किया जा रहा है, जो पांवटा साहिब से प्रारंभ होकर बल्लूपुर चौक, देहरादून तक विस्तारित है।
यह मार्ग यमुनोत्री धाम, औद्योगिक क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करेगा।
परियोजना में लगभग 25 किलोमीटर ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित किया गया है, जिससे हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों को बायपास किया गया है। इससे मार्ग की लंबाई लगभग 7 किलोमीटर कम हुई है और यात्रा समय व ईंधन खपत में उल्लेखनीय बचत होगी।
दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से एकीकरण
यह परियोजना दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के विस्तार के रूप में विकसित की जा रही है। इसके पूर्ण होने से देहरादून में प्रवेश करने वाले थ्रू-ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और शहर के भीतर जाम की समस्या में भारी कमी आएगी।
परियोजना विभाजन एवं लागत
परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) पर दो पैकेजों में क्रियान्वित किया जा रहा है—
पैकेज-I: पांवटा साहिब से मेदनीपुर (18.700 किमी)लागत: ₹553.21 करोड़इसमें 1,175 मीटर लंबा चार लेन यमुना नदी पुल शामिल है।
पैकेज-II: मेदनीपुर से बल्लूपुर, देहरादून (26.100 किमी)लागत: ₹1,093 करोड़इसमें अंडरपास, सर्विस रोड और शहरी बायपास खंड शामिल हैं।
परियोजना की कुल लागत ₹1,646.21 करोड़ है। इससे उत्तराखंड के 21 और हिमाचल प्रदेश के 4 गांव प्रभावित हैं।
वर्तमान स्थिति
परियोजना के अधिकांश पुल, अंडरपास और संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 31.50 किलोमीटर खंड पर वाणिज्यिक यातायात शुरू कर दिया गया है। शेष कार्य फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
प्रमुख सड़क सुरक्षा एवं इंजीनियरिंग विशेषताएं
1,175 मीटर लंबा चार लेन यमुना नदी पुल
105 मीटर लंबा चार लेन आसन नदी पुल
थ्री बीम क्रैश बैरियर व एंटी-ग्लेयर स्क्रीन
24×7 PTZ कैमरा निगरानी
उन्नत साइनएज, रोड मार्किंग व प्रकाश व्यवस्था
हरित एवं टिकाऊ कॉरिडोर हेतु व्यापक पौधारोपण
जनसामान्य को मिलने वाले लाभ
परियोजना के पूर्ण होने के बाद—
पांवटा साहिब से देहरादून का सफर 2 घंटे से घटकर लगभग 35 मिनट
देहरादून को यातायात जाम से बड़ी राहत
पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा
उत्तराखंड–हिमाचल के बीच सुरक्षित और सर्वमौसम कनेक्टिविटी
दीर्घकाल में यह कॉरिडोर प्रस्तावित देहरादून–मसूरी कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा।
पांवटा साहिब बल्लूपुर हाईवे पूरी खबर ☝️☝️
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